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2026 Solar & Lunar Eclipse – Grahan Predictions

भूमिका
2026 Grahan Predictions: ग्रहण (Eclipse) को भारतीय ज्योतिष में अत्यंत प्रभावशाली खगोलीय घटना माना गया है। सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse / Surya Grahan) और चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse / Chandra Grahan) केवल आकाश में घटने वाली घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि ये ऐसी ऊर्जात्मक घटनाएँ होती हैं जो व्यक्ति के जीवन, भावनाओं, निर्णयों और कर्म चक्र को प्रभावित करती हैं।
वर्ष 2026 में सूर्य और चंद्र ग्रहणों की एक महत्वपूर्ण श्रृंखला बन रही है। इन ग्रहणों का प्रभाव व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ सामाजिक और वैश्विक स्तर पर भी देखा जा सकता है।
हालाँकि, यह समझना बहुत आवश्यक है कि हर ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देता, और इसी आधार पर उसका प्रभाव और सूतक काल तय किया जाता है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे:
- 2026 में लगने वाले सभी ग्रहण
- India में दिखने वाले ग्रहण और Global ग्रहण का अंतर
- सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का ज्योतिषीय अर्थ
- सभी 12 राशियों पर समान रूप से प्रभाव
- ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें
- 👉 “2026 में होने वाले सूर्य और चंद्र ग्रहण” https://www.timeanddate.com/eclipse/2026
🌍 India में दिखने वाले ग्रहण vs Global ग्रहण (महत्वपूर्ण अंतर)
ज्योतिष में ग्रहणों को दो श्रेणियों में समझा जाता है:
🇮🇳 India में दिखने वाले ग्रहण
- जो भारत में प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देते हैं
- जिनका सूतक काल मान्य होता है
- जिनका प्रभाव व्यक्तिगत जीवन पर अधिक माना जाता है
🌐 Global ग्रहण (भारत में दृश्य नहीं)
- जो भारत में दिखाई नहीं देते
- जिनका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होता
- जिनका प्रभाव अधिकतर वैश्विक और सामूहिक स्तर पर देखा जाता है
महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण:
भारत में दिखाई न देने वाले ग्रहणों का सूतक काल मान्य नहीं होता, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से उनका सूक्ष्म और वैश्विक प्रभाव अवश्य माना जाता है।
2026 Grahan Predictions- Complete List
| ग्रहण का प्रकार | तिथि (2026) | भारत में दृश्य | सूतक मान्य |
|---|---|---|---|
| वलयाकार सूर्य ग्रहण | 17 फरवरी | ❌ नहीं | ❌ नहीं |
| पूर्ण सूर्य ग्रहण | 29 मार्च | ❌ नहीं | ❌ नहीं |
| पूर्ण चंद्र ग्रहण | 13–14 अप्रैल | ✔ हाँ | ✔ हाँ |
| आंशिक सूर्य ग्रहण | 22 सितंबर | ❌ नहीं | ❌ नहीं |
| उपछाया चंद्र ग्रहण | 8 अक्टूबर | ✔ आंशिक | ❌ नहीं |
सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse / Surya Grahan) का ज्योतिषीय अर्थ
Surya Grahan तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को ढक लेता है।
सूर्य ग्रहण का प्रभाव:
- आत्म-छवि में बदलाव
- करियर और प्रतिष्ठा से जुड़े निर्णय
- सत्ता, अधिकार और पहचान में परिवर्तन
- जीवन में नई शुरुआत
सूर्य ग्रहण को ज्योतिष में जीवन का Reset Point माना जाता है।
2026 Grahan Predictions- चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse / Chandra Grahan) का महत्व
Chandra Grahan तब होता है जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।
चंद्र ग्रहण का प्रभाव:
- भावनात्मक शुद्धि
- रिश्तों की सच्चाई सामने आना
- मानसिक बोझ से मुक्ति
- आत्म-विश्लेषण और शांति
चंद्र ग्रहण आंतरिक परिवर्तन का संकेत देता है।
🌑 17 फरवरी 2026 – वलयाकार सूर्य ग्रहण (Global)
यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं है।
ज्योतिषीय संकेत:
- वैश्विक राजनीति में बदलाव
- आर्थिक नीतियों में परिवर्तन
- सामूहिक मानसिकता पर प्रभाव
व्यक्तिगत कुंडली में इसका प्रभाव तभी माना जाएगा जब यह लग्न, चंद्र या महत्वपूर्ण भाव को स्पर्श करे।
🌑 29 मार्च 2026 – पूर्ण सूर्य ग्रहण (Global)
यह ग्रहण भी भारत में दृश्य नहीं होगा।
प्रभाव:
- अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ
- सत्ता और नेतृत्व में बदलाव
- दीर्घकालिक वैश्विक परिवर्तन
🌕 13–14 अप्रैल 2026 – पूर्ण चंद्र ग्रहण (India में दृश्य)
यह 2026 का सबसे महत्वपूर्ण ग्रहण माना जाएगा।
2026 Grahan Predictions- सभी राशियों पर समान प्रभाव
| राशि | प्रभाव |
|---|---|
| मेष | आत्म-विश्वास |
| वृषभ | स्थिरता |
| मिथुन | स्पष्ट संवाद |
| कर्क | पारिवारिक समाधान |
| सिंह | हृदय से निर्णय |
| कन्या | जीवन संतुलन |
| तुला | आत्म-जागरूकता |
| वृश्चिक | मानसिक उपचार |
| धनु | व्यक्तिगत विकास |
| मकर | जिम्मेदारी की समझ |
| कुंभ | भविष्य की दृष्टि |
| मीन | अंतर्ज्ञान प्रबल |
🌑 2026 Grahan Predictions- 22 सितंबर 2026 – आंशिक सूर्य ग्रहण (Global)
यह ग्रहण धीरे-धीरे होने वाले परिवर्तनों का संकेत देता है।
| राशि | मुख्य फोकस |
|---|---|
| मेष | धैर्य |
| वृषभ | वित्तीय अनुशासन |
| मिथुन | सीख |
| कर्क | भावनात्मक सुरक्षा |
| सिंह | आत्मविश्वास |
| कन्या | स्वास्थ्य |
| तुला | साझेदारी |
| वृश्चिक | एकाग्रता |
| धनु | दर्शन |
| मकर | करियर |
| कुंभ | नवाचार |
| मीन | लक्ष्य स्पष्टता |
🌕 2026 Grahan Predictions- 8 अक्टूबर 2026 – उपछाया चंद्र ग्रहण
यह ग्रहण सूक्ष्म प्रभाव डालता है और इसका सूतक काल मान्य नहीं होता।
लाभ:
- आत्मचिंतन
- ध्यान और साधना
- मानसिक स्पष्टता
2026 Grahan Predictions- ग्रहण का प्रभाव कितने समय तक रहता है?
- सूर्य ग्रहण: लगभग 6 सप्ताह
- चंद्र ग्रहण: लगभग 4 सप्ताह
2026 Grahan Predictions- ग्रहण के उपाय (Remedies)
सूर्य ग्रहण के उपाय
- गायत्री मंत्र जाप
- गेहूं, गुड़ का दान
- ग्रहण के बाद सूर्य को अर्घ्य
चंद्र ग्रहण के उपाय
- “ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र
- ध्यान और मौन
- भावनात्मक विवाद से बचाव
नोट: उपाय मुख्यतः भारत में दिखने वाले ग्रहणों के समय अधिक प्रभावी माने जाते हैं।
2026 Grahan Predictions- ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें
न करें:
- ग्रहण काल में भोजन
- बड़े निर्णय
- नकारात्मक चर्चा
करें:
- मंत्र जाप
- ध्यान
- आत्म-चिंतन
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- व्यक्तिगत कुंडली आधारित ग्रहण विश्लेषण
- India और Global ग्रहण का स्पष्ट अंतर
- सरल और व्यावहारिक उपाय
निष्कर्ष- 2026 Grahan Predictions
वर्ष 2026 के सूर्य और चंद्र ग्रहण जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकते हैं।
भारत में दिखाई देने वाले ग्रहण व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करते हैं, जबकि Global ग्रहण सामूहिक चेतना और दीर्घकालिक परिवर्तनों का संकेत देते हैं।
ग्रहण डरने की चीज नहीं है — उसे समझना और सही दिशा में उपयोग करना ही ज्योतिष का उद्देश्य है।
❓FAQ- 2026 Grahan Predictions
1. 2026 में कितने ग्रहण होंगे?
2026 में कुल पाँच ग्रहण होंगे।
2. क्या सभी ग्रहणों का सूतक काल मान्य होता है?
नहीं, केवल भारत में दिखाई देने वाले ग्रहणों का सूतक मान्य होता है।
3. सबसे महत्वपूर्ण ग्रहण कौन-सा है?
13–14 अप्रैल 2026 का पूर्ण चंद्र ग्रहण।
4. ग्रहण के बाद बदलाव क्यों महसूस होते हैं?
क्योंकि ग्रहण ऊर्जा स्तर पर परिवर्तन लाता है।
5. क्या ग्रहण के उपाय वास्तव में काम करते हैं?
श्रद्धा और सही विधि से किए गए उपाय मानसिक और ऊर्जात्मक संतुलन प्रदान करते हैं।